



धरमजयगढ़।
सरकार समय-समय पर दिव्यांगों के दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए शिविर का आयोजन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। 10 फरवरी को धरमजयगढ़ जनपद पंचायत कार्यालय में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में दिव्यांगों को सही प्रमाण यानि की सही दिव्यांगता का प्रतिशत नहीं मिल रहा है। शिविर में आये अस्ती रोग विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा पूर्व में मेडिकल बोर्ड द्वारा बनाए गये प्रमाण पत्र को गलत बताते हुए प्रतिशत में कटौती कर रहे हैं।

डॉक्टर की इस रैवया से दिव्यांगों एवं उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिल रहा है। जब इस संबंध में डॉक्टर से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि मैं 40 से 50 प्रतिशत तक ही दे सकता हूं। मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी 50 प्रतिशत प्रमाण पत्र को डॉक्टर द्वारा 40 प्रतिशत किया गया, डॉक्टर को बताया कि सर मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र में 50 प्रतिशत है तब उन्होंने बताया मैं इसमे कुछ नहीं कर सकता, 40 प्रतिशत ही बनेगा। तो वहीं एक छोटी सी बच्ची का पूर्व में मेडिकल बोर्ड द्वारा 45 प्रतिशत दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया गया था, लेकिन आज के शिविर में उस बच्ची का 35 प्रतिशत दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है, इससे तो ऐसा लगता है कि रायगढ़ से आये अस्ती रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दिव्यांगों के साथ खिलवाड़ करने शिविर में आया है। इस संबंध में पत्रकार रोहित तिर्की ने सीएमएचओ से बात करने पर बताया कि ये प्रमाण पत्र स्थाई है इसका कोई नवीनकरण की जरूरत नहीं है। मेडिकल बोर्ड द्वारा बनाया गया प्रमाण पत्र गलत कैसे हो सकता है। लेकिन इनके ही डॉक्टर मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र को मजाक बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन को चाहिए कि ऐसा मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र को गलत बताने वाले डॉक्टर पर कार्यवाही करते हुए। पूर्व में मेडिकल बोर्ड द्वारा बनाये गये प्रमाण पत्र के अनुसार ही प्रतिशत के साथ नया प्रमाण पत्र जारी करें ताकि दिव्यांगों को उसका हक मिल सके।





