






धरमजयगढ़।
विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी बोल बम कांवड़िया समिति धरमजयगढ़ के तत्वाधान में अंबेटिकरा से किलकिलेश्वर धाम तक कांवड़ यात्रा निकालकर जलाभिषेक का कार्यक्रम संपन्न हुआ।इस यात्रा में इस वर्ष लगभग 2000 से 2500 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया।कांवड़ियों के स्वागत एवं सेवा के लिए जगह जगह सेवा बम मौजूद रहकर कांवड़ियों का भरपूर सेवा सत्कार कर गंतव्य की ओर रवाना किए।बाहर से आने वाले कांवड़िया बंधुओं के लिए भोजन,भजन एवं ठहरने की व्यवस्था अंबेटिकरा में शाहपुर के युवाओं द्वारा सभी के सहयोग से किया गया था।रविवार को जल लेकर जाने वाले कांवड़ियों के लिए श्यांग वाले मनोज अग्रवाल और उनके परिवार की ओर से पिपरमार में हर वर्ष की भांति विभिन्न व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी।जिसका लाभ सभी कांवड़िया बंधुओं ने उठाया और आगे बढ़ने लगे।आगे सिसरिंगा बंजारी मंदिर में युवा पार्षद जानू सिदार एवं संजीव मंडल स्टांप वेंडर द्वारा फलाहार और खिचड़ी का वितरण किया गया। नोनाइजोर के पास विकास महापात्र के तरफ से चाय बिस्किट एवं हलवा प्रबंध किया गया था।जिसका भरपूर लाभ कांवड़िया बंधुओं ने उठाया।आगे रायरुमा में दुहन चौहान,अजय दास महंत और ग्रामीणों ने खीर पूड़ी का भरपूर व्यवस्था किया गया था जिसका लुत्फ सभी ने उठाया।आगे साहू ढाबा चरखापारा में खीर एवं चौक में गरमागरम पकौड़ा का व्यवस्था सभी के लिए किया गया था।पत्थलगांव में बडगड़िया परिवार द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भोजन का व्यवस्था किया गया था। यहां से भोजन कर किलकीला की ओर बढ़ने लगे तो आगे इंजको ग्राम में भी चाय पानी का व्यवस्था किया गया था।इस तरह सभी पड़ाओ को पार कर कांवड़िया किलकिला पहुंचे और भोजनकर रात्रि विश्राम किए।सोमवार को प्रातः जलाभिषेक कर अपने अपने घरों के लिए अपने साधनों से रवाना हुए।इस पूरे यात्रा में मुख्य रूप से जिनका सहयोग रहा उसमें टीकाराम पटेल,भीम बैरागी,मुकेश हलदार,पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर, हेमप्रसाद पटेल,मधुवन दूबे, खेम प्रसाद,विनोद राठिया,संतोष राठिया,जगसिंह राठिया,शंकर सिंह, सोनू यादव,विद्याधर पटेल, घुराऊ पटेल,प्रवीण अग्रवाल,वंदना कटारिया,सरपंच महिमा सिदार,रोहित साहू,गजानंद पटेल,विकास शुक्ला,दिलीप कन्नौजिया,बजरंग गुप्ता,समय अग्रवाल,अनिल पांडेय, टार्जन भारती,विजय यादव,महेश चैनानी, सुरूति प्रधान,दशरथ साहू,नीरज अग्रवाल,मनोज अग्रवाल,राजकुमार मिश्रा,प्रवीण श्रीवास्तव प्रमुख हैं ।






