






धर्मजयगढ़ न्यूज़ —गणेश चतुर्थी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से आरंभ होती है और अनंत चतुर्दशी को समाप्त होती है।

इन दस दिनों तक घरों और पंडालों में गणेश प्रतिमाएँ स्थापित की जाती हैं। गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।

शहर सहित पूरे घर घर में हर तरफ “गणपति बप्पा मोरया” की गूंज सुनाई दे रही है।
नगर के दशहरा मैदान मै युवा समिति के युवकों द्वारा कई वर्षों से इसे परंपरागत तरीके से मनाया जाता रहा है।वही इस वर्ष भी बप्पा की भव्य विशाल काय मूर्ति,बाहर बने विशाल काय गेट लोगो को मनमोहित कर रहे है ।

वही सुबह शाम की पूजा आरती के पश्चात प्रसाद लेने भक्तों का ताता लगा रहता है।कहा जाता है कि धर्मजयगढ़ के इस पंडाल मै विराजित गणेश प्रतिमा का भी काफी महत्व है।सच्चे मन से मानता मांगने वाले भक्तों की मुराद भगवान गणेश जरूर पूरी करते है।कुछ दिनों के बाद ही इसी पंडाल मै मां काली की पूजा भी पूरे तांत्रिक पद्धति से विधि विधान से की जाती है। जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर वर्ष शामिल होते है।

गणेश जी के पूजन से प्रारंभ यह पर्व पूरे वर्ष भर नगर मै सुख शांति और समृद्धि बनाए रखता है।
समिति के अध्यक्ष समय अग्रवाल ने बताया कि सभी नगर वाशियो के सहयोग से यह कार्य सफलता पूर्वक सम्पन्न होता आया है।आगामी दिनों भी भवानी जागरण मंच, सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होना है जिसमे सभी नगर वाशियों से अधिक से अधिक संख्या मै पहुंचने का निवेदन किया है!






