
धरमजयगढ़ न्यूज़ —- धरमजयगढ़ तहसील क्षेत्र में वन भूमि पट्टे पर धान बिक्री को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में कलेक्टर रायगढ़ को शिकायत प्रस्तुत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, उपार्जन केंद्र में किसान महेंद्र यादव/रामचरण यादव, ग्राम उददा (00034) के नाम पर कई किसानों की भूमि खसरा का कुल रकबा 36.0250 हेक्टेयर दर्शाते हुए वन भूमि पट्टे का पंजीयन कराया गया। आरोप है कि इस पंजीयन के आधार पर धान सत्यापन में कुल रकबा 3.0250 हेक्टेयर दिखाया गया और धान का विक्रय किया गया।
आगे बताया गया कि वन भूमि पट्टे में खसरा नंबर 452/4 (रकबा 0.4300 हेक्टेयर) एवं खसरा नंबर 927/10 (कुल रकबा 0.8000 हेक्टेयर) का भी उपयोग धान बिक्री के लिए किया गया। जबकि ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में उक्त खसरा नंबरों में सरजू पिता मोहित मझवार और तिलाशों /अमरसाय के नाम वन अधिकार पट्टा दर्ज होने का उल्लेख है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर किन आधारों पर यह पंजीयन और धान विक्रय किया गया।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि मामले की गहन जांच कर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं, शासन के नियमों के अनुसार धान विक्रय हेतु पंजीयन के लिए पात्रता स्पष्ट निर्धारित है। इसमें केवल वैध रूप से भूमि उपयोग की अनुमति रखने वाले किसान ही पंजीयन के पात्र होते हैं। ऐसे में यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो यह एक गंभीर मामला माना जा रहा है।
