
धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ के मांड नदी में मलका पॉवर का जल विद्युत परियोजना बनकर तैयार हो जाने के बाद भी क्षेत्रवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जब परियोजना का काम शुरू हो रहा था तब कंपनी वालों ने क्षेत्रवासियों को बड़े-बड़े सपना दिखाया था कि परियोजना बनकर तैयार हो जायेगा तब धरमजयगढ़ वासियों को हो रही बिजली समस्या खत्म हो जायेगा, यहां भी बड़े शहर की तरह हमेशा बिजली रहेगा, कभी बिजली गोल नहीं होगा, मलका वालों ने सिर्फ क्षेत्रवासियों को एक सुनहारा सपना दिखाया है। क्योंकि मलका का जल विद्युत का लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल रहा है। बल्कि धरमजयगढ़ वासियों के लिए मलका पॉवर परियोजना जी का जंजाल बन गया है। क्षेत्रवासियों को न तो बिजली का लाभ मिल रहा है, उल्टा नगर वासियों को इस परियोजना से पानी की समस्या उत्पन्न होने लगा है? क्योंकि नगर पंचायत का जल आवर्धन योजना के उपरी साईड में ही मलका द्वारा नदी को बांध कर जल विद्युत उत्पन्न किया जा रहा है जिससे नदी का पानी कम हो रहा है, और जल आवर्धन योजना फेल होता जा रहा है।
सब्सिडी के चक्कर में अधूरा परियोजना का किया था उद्घाटन
अधूरा परियोजना को बड़े ही धूमधाम से उद्घाटन कर क्षेत्रवासियों को बेवाकूप बनाने का काम किया था मलका कंपनी द्वारा। समय पर परियोजना का काम पूरा नहीं होने के कारण शासन की ओर से सब्सिडी खत्म न कर दे इसलिए, शासन को गुमराह करते हुए अधूरा निर्माण परियोजना का उद्घाटन कर यह बताया गया था कि मलका पॉवर का 8 मेगावॉट जल विद्युत परियोजना शुरू हो गया है और क्षेत्रवासियों को आज से इसका लाभ मिलने लगेगा। विडंबना देखिए कि शायद ही एकाद दिन भी मलका का जल विद्युत परियोजना का लाभ लोगों को मिला होगा। अगर मलका परियोजना का लाभ क्षेत्रवासियों को मिलता तो आज धरमजयगढ़ के लोगों को बिजली समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। अब आप खुद सोच सकते है कि सब्सिडी के चक्कर में शासन को कितने का चूना लगा रहे मलका पॉवर।
