






धरमजयगढ़। धरमजयगढ़ को जिला बनाए जाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस बार यह मांग श्रमजीवी पत्रकार संघ, धरमजयगढ़ इकाई की ओर से मुखर होकर सामने आई है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत साहू और नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसे छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम संबोधित किया गया है।ज्ञात हो कि धरमजयगढ़ रायगढ़ जिले की सबसे प्राचीन तहसीलों में से एक है, और यह क्षेत्र भूगोलिक दृष्टि से अत्यंत विस्तृत तथा दुर्गम है। यहां के ग्रामीण अंचलों से जिला मुख्यालय रायगढ़ तक पहुंचने के लिए लगभग 80 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जो कि न केवल समय साध्य है, बल्कि ग्रामीण जनों के लिए आर्थिक एवं मानसिक कष्ट का कारण भी बनता है।संघ ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यदि धरमजयगढ़ को जिला का दर्जा दिया जाता है, तो इससे प्रशासनिक सुविधा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना के क्षेत्र में तीव्र विकास संभव हो सकेगा।
आपको बता दें, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आगामी 14 अगस्त 2025 को धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सांस्कृतिक गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में संभावित आगमन पर हैं। इसी अवसर को दृष्टिगत रखते हुए पत्रकार संघ ने यह ज्ञापन सौंपा है, ताकि इस लंबे समय से उपेक्षित क्षेत्र की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जा सके। संबंध में भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत साहू ने कहा, “यह मांग पूरी तरह से जायज़ और समय की मांग है। हम यह प्रस्ताव निश्चित ही मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखेंगे और धरमजयगढ़ को जिला बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास करेंगे।”
वहीं जनभावनाओं से जुड़ा यह विषय अब प्रशासनिक विमर्श के केंद्र में आ चुका है। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो यह क्षेत्र न केवल अपने पिछड़ेपन से उबरेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के नक्शे पर एक नई पहचान के साथ उभरेगा।






