

पुराने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर नई निविदाएं प्रकाशित नहीं होंगी, लंबित निविदाओं की प्रक्रिया 31 मार्च 2027 तक पूरी करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ टुडे 24 न्यूज़ रायपुर— छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने ई-प्रोक्योरमेंट व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 1 अक्टूबर 2026 से GePNIC (Government e-Procurement System of NIC) के माध्यम से निविदा प्रक्रिया संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अपर सचिव द्वारा 16 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सभी कार्यालयों एवं विभागाधीन संस्थाओं में नई निविदाओं की सूचना, प्रकाशन, मूल्यांकन सहित संबंधित समस्त कार्रवाई GePNIC पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि राज्य शासन द्वारा GePNIC को राज्य के एकीकृत ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में अंगीकृत किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्षता में 1 सितंबर 2026 को आयोजित GePNIC डेमो एवं समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर 2026 से लोक निर्माण विभाग के सभी कार्यालयों तथा विभागाधीन संस्थाओं द्वारा जारी की जाने वाली सभी नवीन निविदाएं GePNIC पोर्टल के माध्यम से ही प्रकाशित की जाएंगी। वर्तमान ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर इस तिथि के बाद कोई नई निविदा प्रकाशित नहीं की जाएगी।
वहीं, 30 सितंबर 2026 तक वर्तमान ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर प्रकाशित हो चुकी निविदाओं में बोली प्राप्ति, मूल्यांकन एवं स्वीकृति सहित लंबित समस्त कार्रवाई उसी पोर्टल पर 31 मार्च 2027 तक अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। इसके बाद पुराने पोर्टल पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी दिशा-निर्देश
आदेश के तहत प्रत्येक कार्यालय को एक नोडल अधिकारी, सहायक अभियंता/उप अभियंता स्तर के अधिकारी को नामांकित करने तथा उसकी जानकारी संबंधित प्रमुख अभियंता कार्यालय एवं NIC को तीन दिवस के भीतर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निविदा आमंत्रण अधिकारियों, तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन समिति के सदस्यों तथा संबंधित कर्मचारियों का GePNIC पर यूजर आईडी, सूचना/ई-मेल संबंधी पंजीयन तथा डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का पंजीयन सात दिवस के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने से विभाग की निविदा प्रक्रिया को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



