
धरमजयगढ़। भारत रत्न, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की शताब्दी जन्म जयंती को अटल स्मृति दिवस के रूप में मनाते हुए धरमजयगढ़ विधानसभा स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन यादव भवन, जेलपारा में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम सांसद राधेश्याम राठिया के मुख्य आतिथ्य तथा विधानसभा प्रभारी सुरेंद्र बेसरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
वहीं कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ हुई। अटल ज़ी के विचारों, उनके ऐतिहासिक निर्णयो और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को स्मरण किया गया. इसके पश्चात मुख्य अतिथि सांसद राधेश्याम राठिया ने अपने उद्बोधन में अटल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचारों के युगपुरुष थे। उन्होंने राजनीति को नैतिकता, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित की दिशा दी। उनके शब्दों में आज भी देश को दिशा देने की क्षमता है।

आगे अपने उद्बोधन में सुरेंद्र बेसरा जी ने कहा कि अटल जी का जीवन त्याग, तप और राष्ट्रसेवा का जीवंत उदाहरण है। उनके नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक सम्मान की नई ऊँचाइयों को छुआ। अटल जी के विचार आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष टीकाराम पटेल नें कहा कि अटल जी ने भारत रत्न की श्रेष्ठता और व्यावहारिकता से देश की आन, बान, शान को बढ़ाया। उनके नेतृत्व में भारत ने संचार सुदृढ़ीकरण, एक्सप्रेस-वे, भारतीय रेल पथों के साथ-साथ ओजस और तेजस जैसे अंतरिक्ष कार्यक्रमों का खाका खींचा। भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष टीकाराम भाई पटेल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गोकुल नारायण यादव,नरेश पंडा, नगर पंचायत के अध्यक्ष अनिल सरकार उपाध्यक्ष जगन्नाथ यादव, जनपद पंचायत की अध्यक्ष लीनव राठिया,भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत साहू,सहित सभी मंडलों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं विधानसभा क्षेत्र के अनेक भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अटल जी के आदर्शों को आत्मसात करने एवं उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
और वहीं अंत में कार्यक्रम देशभक्ति एवं अटल विचारधारा के उद्घोष के साथ संपन्न हुआ, जहां अटल स्मृति दिवस ने धरमजयगढ़ में राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा का नया संचार किया।
