
छत्तीसगढ़ टुडे 24 न्यूज़ धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ क्षेत्र के पीपरमार वार्ड से निकलकर आदिवासी समाज का नाम रोशन करने वाले वीरेंद्र राठिया ने कड़े संघर्ष और अथक परिश्रम के बल पर एमडी मेडिसिन में चयन पाकर एक नई मिसाल कायम की है। जिले के सांसद राधेश्याम राठिया भी धरमजयगढ़ पहुंच उनसे मुलाक़ात कर सम्मानित भी किया और सीमित संसाधनों के बीच एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने के बाद अब उनका चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज रायपुर में एमडी मेडिसिन के लिए हुआ है, जो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राठिया और कंवर आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय बताया है।आपको बता दें पीपरमार वार्ड के पूर्व पार्षद सुरेश राठिया और वर्तमान पार्षद माधो बाई राठिया के पुत्र वीरेंद्र राठिया शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा धरमजयगढ़ के एक प्राइवेट स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन नवोदय विद्यालय भूपदेवपुर में हुआ, जहां से उन्होंने बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की।
बारहवीं के बाद वीरेंद्र ने छत्तीसगढ़ पीएमटी में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त कर रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए चयन हासिल किया। कठिन परिस्थितियों, आर्थिक अभाव और निरंतर संघर्ष के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और सफलता का रास्ता बनाया। एमबीबीएस पूर्ण कर डॉक्टर बनने के बाद अब एमडी मेडिसिन में चयन ने उनकी उपलब्धियों को और ऊंचाई दी है।
वीरेंद्र राठिया की यह सफलता आदिवासी युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कठिन से कठिन हालात में भी लगन, अनुशासन और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वीरेंद्र के छोटे भाई भी वर्तमान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जो इस परिवार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वीरेंद्र की सफलता पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों से बधाइयाँ मिल रही हैं। उनकी यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का मार्ग दिखाएगी।
