

छत्तीसगढ़ टुडे 24 न्यूज़धरमजयगढ़—
पितरों की मोक्ष एवं शांति की कामना को लेकर धर्मजयगढ़ में पितृमोक्षार्थ श्राद्धांतर्गत श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक आयोजन के तहत 12 सितंबर 2026 से 18 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से हरि इच्छा तक श्रीमद्भागवत कथा का रसपान श्रद्धालुओं को कराया जाएगा।
आयोजन का शुभारंभ 12 सितंबर को सुबह 9 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। कलश यात्रा गायत्री मंदिर से कथा स्थल नीचे पारा जय स्तम्भ चौक हनुमान मंदिर तक निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
आयोजन के दौरान श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 सितंबर को श्रीमद्भागवत महात्म्य, 13 सितंबर को कुंती स्तुति एवं परीक्षित जन्म, 14 सितंबर को सती चरित्र, ध्रुव चरित्र एवं नृसिंह अवतार, 15 सितंबर को वामन अवतार सहित भगवान के विविध प्रसंग, 16 सितंबर को कृष्ण बाल लीलाएं, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग, 17 सितंबर को महारास, उद्धव गोपी संवाद एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह तथा 18 सितंबर को सुदामा चरित्र एवं भगवान के विवाह प्रसंग का वर्णन किया जाएगा।
19 सितंबर को पूर्णाहुति हवन के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।
आयोजक परिवार की ओर से क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की गई है। आयोजकों ने बताया कि पितरों की शांति एवं मोक्ष की कामना से आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति का विशेष अवसर है।



