

रायगढ़–पंजीपथरा–घरघोड़ा फोरलेन की राह हुई आसान, ₹2,129.051 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति से वर्षों पुराना सपना साकार होने की ओर
रायगढ़ जिले के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। लंबे समय से बहुप्रतीक्षित रायगढ़–पंजीपथरा–घरघोड़ा 37 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने प्रभावित भूमि के भू-अर्जन एवं वन भूमि व्यपवर्तन कार्य के लिए ₹2,129.051 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।


इस महत्वपूर्ण स्वीकृति को क्षेत्र के लिए विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला कदम माना जा रहा है। रायगढ़–पंजीपथरा–घरघोड़ा मार्ग औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर लगातार बढ़ते भारी वाहनों के दबाव के कारण यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। ऐसे में फोरलेन निर्माण से यातायात का दबाव कम होने, आवागमन सुगम होने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सांसद राधेश्याम राठिया की पहल को मिली बड़ी सफलता
रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया द्वारा इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को लेकर लगातार पहल किए जाने के बाद मिली प्रशासनिक स्वीकृति को क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। सांसद ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
फोरलेन बनने से रायगढ़ से पंजीपथरा और घरघोड़ा तक आवागमन में सुविधा बढ़ने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होने की उम्मीद है। इससे व्यापार, परिवहन, उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी गति मिलने की संभावना है।
औद्योगिक विकास के साथ सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
रायगढ़–पंजीपथरा–घरघोड़ा मार्ग पर औद्योगिक वाहनों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है। वर्तमान सड़क पर बढ़ते यातायात के कारण आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती रही है। फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद सड़क की क्षमता बढ़ेगी और भारी एवं सामान्य यातायात के संचालन में अपेक्षाकृत सुविधा मिल सकेगी।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि रायगढ़ के सुनियोजित विस्तार, औद्योगिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों और सुरक्षित आवागमन के लिए दूरगामी प्रभाव डाल सकती है।
वर्षों पुरानी मांग को मिली ठोस दिशा
रायगढ़–पंजीपथरा–घरघोड़ा मार्ग को फोरलेन करने की मांग लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई जाती रही है। अब भू-अर्जन एवं वन भूमि व्यपवर्तन के लिए मिली प्रशासनिक स्वीकृति के बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के धरातल पर आगे बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आगामी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी कर फोरलेन निर्माण कार्य को शीघ्र गति दी जाएगी, जिससे रायगढ़ जिले को सुरक्षित और बेहतर परिवहन व्यवस्था के साथ विकास की नई रफ्तार मिलेगी।
रायगढ़ के लिए यह परियोजना सिर्फ 37 किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि सुरक्षित यातायात, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।



