
धरमजयगढ़ न्यूज़ —- शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक खाद्यान्न योजना का रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में बहुत ही बुरा हाल है! गरीबों को मिलने वाला राशन भी नसीब नहीं होता यहाँ,मशीन पर अंगूठे लगा लिए जाते हैं, और राशन के लिए गरीब ठोकरे खाता रहता है l
अतिरिक्त आवंटन के नाम से हुआ है बड़ा खेल दुकानदार के साथ खाद्य विभाग की भी भूमिका संदेह के दायरे में
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से अतिरिक्त आवंटन के नाम पर भी बहुत बड़ा घोटाला हुआ है, जिसमें धरमजयगढ़ में पूर्व पदस्थ एक अधिकारी की विभागीय जांच भी चल रही हैँ, वही इस अतिरिक्त आवंटन की भरपाई आज तक यहां नहीं हो पा रही है,दुकानदार कई आ रहे हैं और जा रहे हैं मगर शॉर्टेज आज भी बना हुआ है जो कहीं ना कही इस पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है. खाद्य विभाग के संबंधित अधिकारी भी खाना पूर्ति करते दिखाई दे रहे हैं सिर्फ नोटिस का खेल खेला जा रहा है. वही दुकानदार को भी मानो खुली छूट दी गई हो. आखिर विभाग कर क्या रहा हैँ??कुछ दिन पहले गोलाबूढ़ा के ही एक व्यक्ति ने बताया की पिछले दुकानदार के द्वारा जो शॉर्टेज मिला है उसकी भरपाई करने के लिए वह वहां की ग्रामीणों से अंगूठा लगवा कर उसकी भरपाई किया जा रहा है. इतना ही नहीं बच्चों के स्कूलों में बटने वाले मध्यान भोजन के चावल को भी कई दुकानदार खा बैठे हैं. वहीं विभाग इन सभी को नजर अंदाज करते हुए मीडिया की सुर्खियों के बाद भी कार्यवाही करने में हाथ पांव फूल रहे हैं यह समझ से परेह हैं!
*हितग्राहियों से पहले अंगूठा लगवाया जाता हैँ बाद मै कई महीने तक चावल ही नहीं दिया जाता *
मिरिगुढ़ा,विजयनगर,गोलाबुड़ा,नकना, पाराघाटी सही कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां ग्रामीणों का अंगूठा तो लगवा लिया जा रहा है मगर राशन इन्हें नसीब भी नहीं होता दुकानदार ही अपने पुराने शॉर्टेज को कभर करने में लगा देते हैं!
नोटिस पर नोटिस मगर रिकवरी की अब तक कार्रवाई अधूरी स्थानीय प्रशासन की नाकामयाबी या उन्हें संरक्षण??
विभाग द्वारा समय-समय पर दुकानदारों को नोटिस भी दिया गया है मगर इसका कोई खास असर अभी तक होता नहीं दिखा आलम यह है कि दुकानों में शॉर्टज बढ़ता ही जा रहा हैँ और रिकवरी का कोई ता पता ही नहीं कोई विभाग भी हाथ में हाथ धर बैठा है!
