
छत्तीसगढ़ टुडे 24 न्यूज़ धरमजयगढ़ — धरमजयगढ़ के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रांगण में 28 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में डाइट धरमजयगढ़ , शासकीय महाविद्यालय धरमजयगढ़, आईटीआई धरमजयगढ़ एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन धरमजयगढ़ के संयुक्त तत्त्वावधान में एक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया। इस आयोजन में कुल 218 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें संस्थान के प्राचार्य, शिक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बिहान के प्रखंड प्रबंधक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, मितानिन, आजीविका विभाग के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य कर्मी, सरपंच, देखभालकर्ता, महाविद्यालय एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राएं, युवा, सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, पंचायत साथी, पशुसेवक तथा फाउंडेशन के सदस्य शामिल रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा “देने से पाने” विषय पर आधारित आकर्षक स्वागत नृत्य से हुई, जिसने पूरे माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। इसके बाद वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए महिलाओं की समाज में भूमिका, उनके अधिकारों और उनकी क्षमताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिशिर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, वहीं संस्थान के प्राचार्य, बिहान के प्रखंड प्रबंधक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, सरपंच, लईका घर की देखभालकर्ता और सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों ने अपने अनुभवों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं एवं महाविद्यालयीन छात्रों द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें महिला अधिकार, समानता, भेदभाव, शोषण, आजीविका, स्वास्थ्य और बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही विभिन्न रोचक एवं सहभागितापूर्ण खेलों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को समय प्रबंधन, सटीकता, धैर्य, संतुलन और संवाद के महत्व जैसे जीवनोपयोगी संदेश दिए गए। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों में उत्साह, सहभागिता और सामूहिक कार्य की भावना को और अधिक मजबूत किया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण युवाओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक “आखिरी फैसला” रहा, जिसमें समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव, लड़कियों पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध और महिलाओं की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। नाटक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि यदि महिलाओं को समान अवसर प्रदान किए जाएं, तो वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार से लेकर अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भी अपनी असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकती हैं।
अंत में अजीम फाउंडेशन के सदस्य मनीष, आशीष एवं शिशिर ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर महिलाओं की उपलब्धियों, चुनौतियों और उनके समाधान पर सार्थक चर्चा हुई, जिसने समाज में समानता, सम्मान और न्यायपूर्ण वातावरण स्थापित करने का प्रेरक संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने यह भी संकल्प लिया कि आगामी डॉ. अंबेडकर जयंती को भी इसी तरह सामाजिक समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे के मूल्यों के साथ मनाया जाएगा, ताकि समाज में अधिकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस आयोजन ने न केवल महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को मजबूती से सामने रखा, बल्कि समाज को एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।
