
धरमजयगढ़—–
विशाल हिन्दू सम्मेलन समिति रायगढ़, मंडल धरमजयगढ़ के तत्वाधान में आज शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को धरमजयगढ़ में विराट हिन्दू समागम का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन से पूर्व धरमजयगढ़ मंडल के समस्त ग्राम एवं नगर के सनातनी हिन्दू बंधु-भगिनियों द्वारा गायत्री मंदिर प्रांगण से कलश एवं वेद–पुराणों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल दशहरा मैदान स्थित दुर्गा पंडाल में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कर किया गया। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हुए ग्राम से पधारी बहनों द्वारा सुवा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में अतिथियों का विधिवत परिचय एवं स्वागत किया गया, साथ ही विभिन्न समाजों से पधारे प्रमुख जनों का भी सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम मंदिर, खरसिया के पीठाधीश्वर महंत श्री त्रिवेणीदास जी ने हिन्दू सम्मेलन के उद्देश्य, हिन्दू समाज की वर्तमान चुनौतियाँ एवं उनके समाधान पर ओजस्वी और प्रेरणादायी उद्बोधन दिया।
इसके पश्चात गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ, जिला रायगढ़ के प्रमुख एवं जेएसपीएल के जनरल मैनेजर श्री संजय गौतम जी ने “हिन्दू समाज एवं आदर्श हिन्दू परिवार” विषय पर अपने विचार रखते हुए पारिवारिक मूल्यों, संस्कारों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री हेमंत साहू जी (संगठन मंत्री, संस्कृत भारती, छत्तीसगढ़) ने हिन्दू सम्मेलन के उद्देश्य, हिन्दू समाज के संगठन की समाज के संगठन की आवश्यकता एवं हिंदुत्व की परिभाषा पर विस्तार से सारगर्भित उद्बोधन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री राजकुमार मिश्रा जी ने भारत में चल रहे हिन्दू विरोधी षड्यंत्रों, समाज को जाति-पांति में बाँटने वाले तत्वों से सतर्क रहने का आह्वान किया तथा अपनी भूमि, परिवार, धर्म और भविष्य की सुरक्षा हेतु संगठित हिन्दू, समर्थ भारत की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी सहयोगियों, अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
मंच पर विशेष रूप से सह प्रांत घोष प्रमुख श्री पंचूराम माली जी, माननीय खंड संघचालक श्री हरिराम राठिया जी, विभाग सेवा प्रमुख एवं धरमजयगढ़ खंड पालक श्री तरुण थवाईत जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भारत माता की आरती संपन्न हुई। तत्पश्चात समिति द्वारा समस्त उपस्थित सनातनी बंधु-भगिनियों के लिए भोजन-प्रसाद की व्यवस्था की गई। सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
