



धरमजयगढ़। पुराने एवं एतिहासिक नगर धरमजयगढ़ को आखिर उसका हक मिल ही गया। नगर वासी एवं राजनीतिक दलों द्वारा पिछले कुछ वर्षों से नगर पंचायत धरमजयगढ़ को नगर पालिका परिषद बनाने की मांग की जा रही थी। पिछले साल अगस्त में जब मुख्यमंत्री जी का आगमन धरमजयगढ़ हुआ था तभी जनता को लग रहा था कि नगर पालिका का घोषणा हो जाएगा। लेकिन घोषणा नहीं हुई । जिसके बाद से ही राजनीतिक दलों के नेता उच्च स्तर पर संपर्क कर अपनी मांग को रखते रहे। जो होली से एक दिन पूर्व पूरी हुई। बता दें कि नगर पंचायत धरमजयगढ़, नगर पालिका परिषद के लिए जो मापदंड है उसे पूरा करती है। क्योंकि यहां की जनसंख्या नगर पालिका बनने लायक थी। वहीं अब वार्डों की संख्या 15 से बढ़कर 18 हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि इसमें ग्राम पंचायत शाहपुर को भी शामिल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 1 जुलाई से नगर पालिका परिषद अपने अस्तित्व में आ जाएगा। जिसके बाद पुनः चुनाव होगा या राज्य शासन द्वारा अध्यक्ष उपाध्यक्ष व सदस्यों को नामित किया जाएगा। जैसे अभी तमनार को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। जिसके बाद वहां अध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति शासन द्वारा की गई है।फिर एक बार भारतीय जनता पार्टी में अध्यक्ष उपाध्यक्ष सदस्य बनने के लिए होड़ मचेगी। हालांकि पार्टी चाहे तो वर्तमान टीम को पुनः नामित कर सकती है। हो. स.






