
धरमजयगढ़ न्यूज़ —
धरमजयगढ़ के दशहरा मैदान में आयोजित ऐतिहासिक 67वें वर्ष का दशहरा उत्सव इस बार भी अपनी भव्यता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी छाप छोड़ रहा है। विशालकाय प्रतिमा, आकर्षक पंडाल, मनमोहक साज-सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया है। आयोजन के अंतिम दिन आज लगभग 60 फीट ऊंचे विशालकाय रावण का दहन किया जाएगा, जिसे देखने के लिए धरमजयगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।
आतिशबाजी और रामायण नाट्य मंचन रहेगा आकर्षण का केंद्र

दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन से पहले होने वाली भव्य आतिशबाजी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती है। आसमान में बिखरती रंग-बिरंगी रोशनी और आतिशबाजी का शानदार नजारा उत्सव की रौनक को और बढ़ा देता है। वहीं, रावण दहन के पश्चात होने वाला रामायण नाट्य मंचन भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखता है।
लाखों की भीड़ को लेकर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
दशहरा मैदान में रावण दहन और आनंद मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। धरमजयगढ़ थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की जाएगी। मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा, भीड़ का सुचारू प्रबंधन और शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण रहेगा, ताकि श्रद्धालु और दर्शक उत्सव का आनंद सुरक्षित वातावरण में ले सकें।
कल ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ होगी माता रानी की विदाई
दशहरा उत्सव की रौनक के बीच कल माता रानी की भव्य विसर्जन यात्रा की तैयारियां भी की जा रही हैं। ढोल-नगाड़ों, गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ माता रानी को भावभीनी विदाई दी जाएगी। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना और भक्ति में लीन रहे श्रद्धालु विसर्जन यात्रा में शामिल होकर माता रानी से सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।
धरमजयगढ़ का 67वां दशहरा आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया है। आज रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव अपने चरम पर रहेगा, वहीं कल माता रानी की भव्य विसर्जन यात्रा के साथ इस वर्ष के आयोजन का समापन होगा।
