
धर्मजयगढ़ में पुनः शुरू होगा सरस्वती शिशु मंदिर, प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू
धर्मजयगढ़। क्षेत्र की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था सरस्वती शिशु मंदिर, धर्मजयगढ़ एक बार फिर से नए उत्साह और संकल्प के साथ पुनः प्रारंभ होने जा रही है। लंबे समय से देखरेख के अभाव में बंद पड़े इस विद्यालय को पुनर्जीवित करने की पहल स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों एवं समाजसेवियों के सहयोग से की जा रही है।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि यह विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक रहा है। अब पुनः इसे क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संचालित किया जाएगा।
विद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, योग, खेलकूद, प्रार्थना एवं चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संस्था का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सांस्कृतिक विकास के माध्यम से एक सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण करना है।
प्रबंधन समिति ने अभिभावकों, ग्रामवासियों, पूर्व छात्रों एवं समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से विद्यालय के संचालन में सहयोग एवं सक्रिय भागीदारी की अपील की है। विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया भी जल्द प्रारंभ की जाएगी।
विद्यालय का मुख्य संकल्प “श्रेष्ठ शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण” बताया गया है। संस्था से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि समाज के सहयोग से इस गौरवशाली विद्यालय को फिर से क्षेत्र की पहचान बनाया जाएगा।
