
रायगढ़ न्यूज़ — जिले में पेट्रोल-डीजल की सुचारू उपलब्धता बनाए रखने और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले में संचालित कंज्यूमर पंप संचालकों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
बैठक में कलेक्टर ने दो टूक कहा कि आम जनता के हिस्से का ईंधन यदि इंडस्ट्रियल उपयोग में पाया गया, तो संबंधित संचालकों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कंज्यूमर पंप संचालक गत वर्ष की खपत के आधार पर अपनी आवश्यकता अनुसार स्वयं डीजल का लोड मंगाएं और किसी भी स्थिति में रिटेल पेट्रोल पंपों पर दबाव न बनने दें।
रिटेल पंपों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त दबाव
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आम नागरिकों की जरूरत प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए इंडस्ट्रीज को रिटेल आउटलेट्स से डीजल लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता प्रभावित न हो।
औचक निरीक्षण और लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में संबंधित अधिकारियों को जिले के पेट्रोल-डीजल पंपों का औचक निरीक्षण करने और ईंधन की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। बताया गया कि रायगढ़ जिले में वर्तमान में कुल 52 कंज्यूमर पंप संचालित हैं।
मूल्य अंतर बना वजह
जानकारी के अनुसार रिटेल आउटलेट्स और बल्क कंज्यूमर के लिए निर्धारित डीजल कीमतों में अंतर होने के कारण कुछ संचालकों द्वारा रिटेल पंपों से डीजल लिया जा रहा था, जिससे आम नागरिकों के लिए समस्या की स्थिति बनने लगी थी। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि पेट्रोल और डीजल का केवल आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों या अनावश्यक भंडारण से बचें। प्रशासन द्वारा जिले में ईंधन की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बैठक में जिला खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं जिले के सभी कंज्यूमर पंप संचालक उपस्थित रहे।
