
ग्रामीणों का आरोप—लालच, स्वास्थ्य शिविर और ‘फूट डालो’ की रणनीति से आंदोलन तोड़ने की कोशिश, प्रभावित बोले- अबकी बार जवाब और भी जोरदार होगा.
धरमजयगढ़
पुरूंगा में प्रस्तावित अदाणी कोल ब्लॉक को लेकर जनसुनवाई की संभावित तैयारियों के बीच प्रभावित गांवों में विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोग विभिन्न माध्यमों से गांवों में सक्रिय होकर जनसुनवाई के लिए माहौल बनाने और आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि इस बार वे पहले से अधिक एकजुट हैं और किसी भी कीमत पर परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं और गांवों में आपसी मतभेद पैदा करने की कोशिश हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह आंदोलन केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर को भी कंपनी की छवि सुधारने और ग्रामीणों का समर्थन हासिल करने की कोशिश के रूप में देखा गया। उनका दावा है कि कई ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और स्पष्ट संदेश दिया कि वे सुविधाओं के बदले अपनी जमीन और अधिकारों का सौदा नहीं करेंगे।
प्रभावित ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2025 में भी जनसुनवाई के दौरान हुए व्यापक विरोध के बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब यदि फिर से जनसुनवाई कराई जाती है तो विरोध पहले से अधिक व्यापक और संगठित होगा।
ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालच, दबाव या अफवाहों के झांसे में न आएं और आंदोलन की एकता बनाए रखें। उनका कहना है कि यदि आंदोलन में फूट पड़ी तो इसका लाभ केवल कंपनी को मिलेगा।
इस बीच कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि परियोजना के विरोध में प्रकाशित होने वाली खबरों को प्रभावित करने के लिए पत्रकारों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जनसुनवाई की संभावित तारीख नजदीक आने के साथ ही पुरूंगा क्षेत्र में माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में प्रशासन, कंपनी और प्रभावित ग्रामीणों के बीच स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
