

रायपुर —-छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कम उम्र के स्कूली छात्रों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) रायपुर ने एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने रायपुर जिले के सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि दुर्घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाने पर सख्त मनाहीक्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार यह देखा जा रहा है कि 18 वर्ष से कम आयु के छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस के सड़कों पर दोपहिया वाहन दौड़ा रहे हैं। परिवहन विभाग का कहना है कि यह न केवल मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) का खुला उल्लंघन है, बल्कि उन मासूम बच्चों और सड़क पर चलने वाले अन्य नागरिकों की जान के लिए भी एक गंभीर खतरा है।स्कूलों और प्राचार्यों को मिले निर्देशRTO रायपुर ने जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों के प्राचार्यों, निदेशकों और संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को इस विषय में जागरूक करें।संस्थानों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि:18 वर्ष से कम उम्र के छात्र किसी भी स्थिति में दोपहिया वाहन चलाकर स्कूल न आएं।अभिभावकों को समझाइश दी जाए कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन की चाबी न सौंपें।स्कूल परिसरों में इसके खिलाफ एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाईपरिवहन विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित रखना है। जागरूकता अभियान के बाद भी यदि कोई नाबालिग बिना लाइसेंस के सड़कों पर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत गाड़ी मालिक (अभिभावक) और संबंधितों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



