किसानों की सुविधा के लिए शासन ने आवंटित की लगभग 5 एकड़ भूमि, सड़क और चबूतरा निर्माण की मांग पर सांसद ने दिया आश्वासन
धरमजयगढ़ न्यूज़। क्षेत्र के किसानों को धान खरीदी के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने और खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आदिम जाति सेवा सहकारी मर्यादित समिति धरमजयगढ़ के कार्यालय एवं गोदाम निर्माण कार्य का भूमि पूजन रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राधेश्याम राठिया के हाथों संपन्न हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व में जिस स्थान पर धान खरीदी की व्यवस्था संचालित की जा रही थी, वहां पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण किसानों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी मर्यादित समिति धरमजयगढ़ को धान खरीदी व्यवस्था के विस्तार के लिए लगभग 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इस भूमि पर कार्यालय एवं गोदाम निर्माण होने से आने वाले समय में धान खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सांसद के समक्ष रखी सड़क और चबूतरा निर्माण की मांग
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान मंडी अध्यक्ष नरेश राठिया ने किसानों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए परिसर तक सड़क निर्माण तथा धान खरीदी के लिए चबूतरा निर्माण की मांग सांसद श्री राधेश्याम राठिया के समक्ष रखी। इस पर सांसद ने किसानों के हितों और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रवेश पैकरा, तहसीलदार हितेश साहू, मंडी के अधिकारी-कर्मचारी तथा क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंडी अध्यक्ष श्री नरेश राठिया ने उपस्थित सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
किसानों को मिलेगी बेहतर सुविधा
कार्यालय एवं गोदाम निर्माण की पहल को धरमजयगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब किसानों को उम्मीद है कि नए परिसर में आवश्यक सुविधाओं का विकास होने से धान खरीदी के दौरान जगह की कमी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। वहीं, सड़क और चबूतरा निर्माण की मांग पूरी होने पर खरीदी केंद्र की व्यवस्थाएं और बेहतर हो सकेंगी।
