
छत्तीसगढ़ टुडे 24 न्यूज़ मिरिगुढ़ा। ग्राम पंचायत मिरिगुढ़ा में संचालित आदि सेवा केंद्र का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। लेकिन केंद्र में पंचायत सचिव की अनुपस्थिति को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी ही केंद्र पर मौजूद नहीं होंगे, तो जरूरतमंद लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ कैसे मिलेगा?
तस्वीर में ग्राम पंचायत कार्यालय परिसर में संचालित आदि सेवा केंद्र दिखाई दे रहा है, जहां शासन की योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है। बावजूद इसके, ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और अन्य पंचायत संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार सचिव की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव की नियमित अनुपस्थिति के कारण पंचायत से जुड़े विभिन्न कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को अपने छोटे-बड़े कामों के लिए पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में आदि सेवा केंद्र की उपयोगिता और उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत के सरपंच भुवदेव सिंह राठिया में बताया कि संबंधित जिले के अधिकारियों से मांग की है कि हमारे ग्राम पंचायत में नियमित एक सचिव की पदस्थापना की जाए ताकि शासन की हर एक महत्वपूर्ण योजनाओं का पूर्णता लाभ ग्रामीण जनों को मिल सके! वही आदि सेवा केंद्र में जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। हालांकि एक नोडल स्तर के अधिकारि की नियुक्ति की गई है मगर सचिव के अभाव में सभी कार्य ठप है!
अब सवाल यह है कि जब आदि सेवा केंद्र में जिम्मेदार सचिव ही मौजूद नहीं रहेंगे, तो सरकार की मंशा के अनुरूप गांव के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ आखिर कैसे पहुंचेगा?
