
लैलूंगा। किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर कृषि खाद बेचने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए लैलूंगा विकासखंड में औचक निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई की। जिला पंचायत रायगढ़ के उपाध्यक्ष दीपक सिदार द्वारा भी किसानों की समस्याओं एवं यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की मनमानी कीमत पर बिक्री की शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों से की गई थी।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रायगढ़ के उप संचालक कृषि अनिल वर्मा के नेतृत्व में विभागीय टीम ने लैलूंगा क्षेत्र के खाद विक्रेताओं की जांच की। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। निरीक्षण में पाया गया कि किसानों को सुपर फॉस्फेट खाद, जिसकी निर्धारित कीमत लगभग 750 रुपये है, उसे 1800 रुपये तक में बेचा जा रहा था।
मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
उप संचालक अनिल वर्मा ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में खाद की कालाबाजारी और अधिक मूल्य वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिलेभर में गांव-गांव तक निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा तथा विशेष टीमों का गठन कर उर्वरक विक्रेताओं की सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई से खाद की कालाबाजारी में संलिप्त कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं किसानों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में उन्हें निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सकेगी।
अनिल वर्मा, उप संचालक कृषि, रायगढ़
“किसानों से जुड़ी शिकायतों को विभाग गंभीरता से ले रहा है। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलेभर में सघन जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
