
ड्रोन सर्वे, भूमि अधिग्रहण और ग्रामसभा के प्रस्तावों की अनदेखी को लेकर प्रभावित किसानों में बढ़ा आक्रोश।
धरमजयगढ़/रायगढ़
धरमजयगढ़ विकासखंड के प्रस्तावित दुर्गापुर-शाहपुर SECL ओपन कोयला खदान को लेकर एक बार फिर प्रभावित किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने रविवार शाम 4 बजे शाहपुर कॉलोनी स्थित कीर्तन ग्राउंड में महा बैठक बुलाने का आह्वान किया है। बैठक में आगे की रणनीति और दिशा पर चर्चा किए जाने की बात कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने वर्ष 2016 में दुर्गापुर-शाहपुर क्षेत्र की लगभग 4,143 एकड़ भूमि को ओपन कोयला खदान के लिए प्रस्तावित किया था। लगभग दस वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना शुरू नहीं हो सकी है। यह क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची तथा पेसा (PESA) कानून के दायरे में आता है। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत दुर्गापुर, शाहपुर और तराईमार की ग्राम सभाओं ने पहले ही प्रस्ताव पारित कर परियोजना का विरोध करते हुए खदान नहीं खोलने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद SECL और प्रशासन की ओर से समय-समय पर बैठकें आयोजित की गईं, लेकिन किसी भी बैठक में ग्रामीणों की सहमति नहीं मिल सकी। प्रभावित किसानों ने हर स्तर पर परियोजना का विरोध दर्ज कराया है।
हाल ही में SECL की ओर से पुलिस सुरक्षा के साथ दुर्गापुर क्षेत्र में ड्रोन सर्वे कराने का प्रयास किया गया था, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। विरोध के चलते सर्वे टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद शाहपुर क्षेत्र में पुनः ड्रोन सर्वे किए जाने की चर्चा है।
इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर प्रभावित किसानों ने रविवार को शाहपुर कीर्तन ग्राउंड में महा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। बैठक में भूमि अधिग्रहण, ड्रोन सर्वे और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बैठक के बाद किसान कौन-से ठोस निर्णय लेते हैं।
