
रायगढ़। सीएसईबी के क्षेत्रीय भंडार में स्क्रैप घोटाला हो रहा है। पहली बार इसे पकड़ा गया। अब हमेशा की तरह बड़े साहब को बचाने के लिए छोटे कर्मचारी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। ईई को जवाबदेही से बचाने के लिए स्टोर कीपर प्रदीप भगत को सस्पेंड कर दिया गया है। CSPDCL में जितने कारनामे होते हैं, सामने आ जाएं तो थोक में अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड हो जाएंगे। कंपनी के कोतरा रोड स्थित गोदाम में अनुपयोगी उपकरण, पाट्र्स, लोहे का सामान, कंडक्टर, केबल, अनयूज्ड लोहा, एल्युमिनियम आदि जमा होता रहता है। इसे टेंडर के जरिए उचित कीमत पर किसी भी निजी फर्म को बेचा जाता है। इस गोदाम के इंचार्ज ईई हैं। यहां के स्टॉक में भारी गड़बड़ी की गई है। जूट मिल पुलिस ने एक ट्रक को कबाड़ समेत पकड़ा था।इसमें कोतरा रोड गोदाम से लोड हुआ कबाड़ था। ड्राईवर के पास मौजूद गेट पास में कबाड़ का वजन करीब 4.2 टन था। पुलिस ने पंचनामा बनाने के समय वजन किया तो करीब साढ़े सात टन कबाड़ मिला। गेट पास में दर्ज मात्रा से अधिक कबाड़ पाए जाने पर पुलिस ने धारा 102 के तहत गाड़ी जब्त कर ली। इसके बाद गोदाम प्रभारी ने डैमेज कंट्रोल किया। तीन अधिकारियों की टीम ने रिपोर्ट दी। रायपुर मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद मुख्य अभियंता रायगढ़ क्षेत्र ने स्टोरकीपर प्रदीप भगत को सस्पेंड कर दिया है। गेट पास से अधिक स्क्रैप गाड़ी में लोड कराया गया। पकड़े जाने के बाद रात को ही पुन: स्टोर का गेट खोलकर मैन्युअल गेट पास काटा गया। सुरक्षा गार्ड से जावक रजिस्टर में भी छेडख़ानी कराई गई। प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर कार्यालय सहायक श्रेणी-1, स्टोरकीपर प्रदीप भगत को निलंबित कर जांजगीर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में अटैच किया गया है।
बिना ईई के गाड़ी नहीं जाती अंदर
इस मामले में कई पेंच हैं जो सुलझे नहीं हैं। एक स्टोरकीपर की इतनी क्षमता नहीं है कि वह लंबे समय से स्क्रैप बेचने के घोटाले को अंजाम देता रहे। इसमें स्टोर प्रभारी की भूमिका संदेहास्पद है। जांच कमेटी ने भी कबाड़ की मात्रा में अंतर पाया और रिपोर्ट सबमिट कर दी। इसके बावजूद गलत तथ्य प्रस्तुत करते हुए अदालत से गाड़ी को छुड़वा लिया गया। नियम यह है कि कार्यपालन यंत्री के आदेश के बिना कोई गाड़ी गेट पास कटने के बाद स्टोर में वापस नहीं आ सकती। स्टोर बंद होने के बाद ईई के आदेश के बाद पंचनामा बनाकर ही स्टोर खोलने का प्रावधान है। तो क्या ईई के आदेश का पालन स्टोर कीपर ने किया? अब नियमों को नजरअंदाज कर ईई स्टोर को बचाने की साजिश हो रही है। अभी तक उसका बयान भी दर्ज नहीं किया गया है।
जेल भी जा चुके हैं ईई
कोतरा रोड स्टोरकीपर सस्पेंड होने के बाद यह साबित हो चुका है कि यहां लंबे समय से स्क्रैप बेचकर लाखों की अवैध कमाई की जा रही थी। विद्युत विभाग का स्क्रैप ज्यादा कीमत पर बिकता है। स्टोर प्रभारी ईई इससे पहले कबीरधाम जिले में एक कांड में फंस चुके हैं। सिंचाई पंप के लिए किसानों को बिजली कनेक्शन देने के नाम पर अधिक राशि उगाही कर ठगी की गई थी। 2018 के इस मामले में भोरमदेव थाने में तत्कालीन एई समेत तीन अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई थी।2018 के इस मामले में भोरमदेव थाने में तत्कालीन एई समेत तीन अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई थी। योगेश पटेल को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। रायगढ़ के क्षेत्रीय भंडार की जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर गबन निकलेगा।
